13 इसका बाद छठमे स्वर्गदूत ने अपणी तुरही बजाई। जां तिनिये अपणी तुरही बजाई तां मैं सोन्ने री वेदी रे चारो कुणे का अवाज सुणी कि परमेश्वर रे सामणे धूप बाली जाए।