2 ते स्वर्ग का मेरे जो इक्क इदेयी अवाज सुणिती, जे झरने ते बड़ी गर्जन री अवाज सांई अवाज थी, अते जे अवाज मैं सूणी, से इदेयी थी, कि मन्नो वीणा बजाणे वाला वीणा बजाया करदे हो।