3 तां मुंशी सोच्चणा लगेया, मेरा मालक मेरे जो नौकरी का कडणे वाला है, फिरी मैं कुते जाह्न्गा? मेरे का तां मजूरी भी नी होणी अते लज्जे भीख भी किय्यां मंग गा?