33 जैसौ कै पबित्र सास्त्र में लिखौ भयौ है, “देखौ, मैं सियोन में एक पत्थर रख रयौऊं, जो ठोकर दिलातै, और एक चट्टान जो पाप करातै। पर बू जो बामें भरोसा करतै, बाय कबऊ निरास नांय होनों होगौ।”