5 जामारै अगर हमारौ अधर्म परमेस्वर की धारमिकता कूं दिखातै, तौ मैं जि आदमी के स्वभाब के अनुसार कैह रयौऊं, का परमेस्वर अन्याय नांय करत, जब बू हमें दन्ड देतै?