1 जाके बाद मैंनें धरती के चारौं कोनेन पै चार सुरग दूतन कूं खडे देखौ, बे धरती की सबरी हबाये पकरे भये हते। जाते धरती पै या समुन्दर पै या फिर काऊ पेड़ पै हबा न चलै।