3 और सबेरे कहतौ, ‘कै आज आँधी आवेगी, चौंकि आज आकास लाल और धूधरौए।’ तुम आकास के रंग ढंग देखकें भेद बता देतौ,पर समै के चिन्न कौ भेद नांय बता सकैं।