55 जापे ईसू नें बिनकूं डांटौ और फटकारौ। और कही, “का तुम ना जानौ कै तू कैसी आतमा के हो? मैं, ‘मनुस्य कौ बेटा’ लोगन की आतमा कौ नांस करबे नांय बल्कि बिनकौ उद्धार करबे काजै आयौ हूं।”