49 ईसू जब जि कैह ही रयौ हतो तबई पिराथना घर के सरदार के य्हांते कोई आयकै सरदार कूं कैहबे लगौ, “तेरी बेटी तौ मर गई। अब गुरू कूं दुख मत देय।”