9 मैं तुमते कैहतूं कै, अधर्म के धन ते अपने काजै मित्र बनांय लेओ। चौंकि जब धन-दौलत खतम है जाबैगी, तब बे अनन्त निबास में तुमारौ स्वागत करिंगे।