3 “जापै मुनीम नें मन ही मन में कही, ‘मेरौ स्वामी मोपै ते मुनीम गीरि कौ काम छीन रयोए, सो अब मैं का करूं? मोमें अब इतनी तागतऊ नांय रही कै मैं खेतन में खुदाई-गुड़ाई कौ काम तक कर सकूं और भीख मांगबे में मोय सरम आवतै।