28 पर परमेस्वर नें सौगन्ध के संग एक बाचा दयी। जि बाचा व्यबस्था के नियमन के बाद आयी और जा बाचा नें महान महा पुरोहित के रूप में बेटा कूं ठहरायौ है जो सदा के काजै सिद्ध बन गयौ।