5 जामारैं तुम अपने सरीर की बुरी इच्छान कूं मार डारौ जो धरती पै हैं, जैसे व्यभिचार, असुद्धता, दुसकामना, बुरी लालसा, और लोभ कूं जो मूरती पूजा के बराबर है।