32 सास्त्र कौ जो पाठ बू पढ़ रयो हतो बामें लिखौ हतो, “बू मैमना की तरैह ते मारबे काजै लै जायो गयौ, और बू ऊन कतरबे बारी भेड़ की नाईं चुप रयौ, और बानें अपनों मौंह नांय खोलो।