34 पर महा सभा में ते एक गमलिएल नाम के फरीसी, जो धर्मसास्त्र की सिछा देबे बारौ हतो, और जाकौ सब लोग आदर करते हते, ठाड़ौ भयौ और आग्या दई के भेजे भये चेलान कूं थोड़ी देर के काजै बाहर कर देऊ।