17 पर जे झूंठी सिछा दैबे बारे, सुखे कूआ और आँधी के उड़ाये भये बादर के जैसे हैं, बिनके काजै तौ कबऊ नांय खतम हैबे बारौ अंधेरौ ठहरायौए।