28 आज फुलाइ काल्हेक् ओइलाइकनि आगिमा जराहेलार झारके पनि परमेस्वरइ सिङ्गारताइ कनि ताहान्के लगालार लुगा ओइ नादेताइ र? खोइ ताहान्को बिस्वास!