31 तब नपुसकइ कहिक्, “कुन्हुँइ अर्थ नाबुझाइदेनि मइ कस्के बुझे सक्तिन र?” अनि ओंइ फिलिपके रथमा चढि आफिसिन बिसे बिन्ति गरिक्।