25 पर मैं जांणी लिया कि उनी ऐदिया कुछ नी कितया है कि इसयो मौत दी सजा मिल्ले; कने जालू की उनी अपु ही बिनती किती की महाराजा धिराज मेरा न्याय करे, तां मैं उसयो भेजणे दा फेसला किता।