25 तेन्च़रे राहाब वेश्यां भी ज़ैखन तैसां बिस्तार देनेबाले लोक अपने घरे मां रखे, ते होरि बत्तां वापस भेज़े, त कुन कम्मन सेइं धर्मी न भोइ?