18 और थुआतीरा की मण्डली के दूत हां ऐसो लिखो, कि, परमेसुर को पूत जी की आंखें आगी की लपटें जैसी आंय, और जीके गोड़े उम्दा पीतल जैसे आंय, ऐसो कैत आय।