11 फिन जौ बड़ो नगर नीनवे, जीमें एक लाख बीस हजार सें जादा मान्सन आंय जो अपने दायने और बांए हाथ कौ भेद लौ नईं पैचानत और बिलात पसु सोई ऊमें रैत आंय, तौ का मैं ऊपै तरस नें खाओं?”