5 का तुम जौ समजत आव, कि पवित्र बचन ऊंसई कहत आय? कि जौन आत्मा हां ऊ ने हमाए भीतरै बसाओ आय, कि बो ऐसी चाहना करत आय, कि ऊसे जलन डाह होबै।