प्रकाशित 13:4 - बग़ल्याणी4 तिने अजगरो री पूजा कित्ती, कऊँकि तिने डांगरो खे आपणा अक्क देईता था और ये बोली की डांगरो री पूजा कित्ती कि, “एस डांगरो जेड़ा कूणे? कुण एस साथे लड़ी सकोआ?” See the chapterपहाड़ी महासुई4 और तिऊं लोगुऐ तेस अजगरा री पुज़ा की, कैलैकि तिणीऐ आपणौ हक्क बुरै जानवरा कै देई गौ थौ, और इणै बोलीयौ जानवरा री पुज़ा की ई, “कि एस जानवरा ज़िणौ कुण आ? कुण लौड़ी सौका एस आइलै?” See the chapter |