5 धन्य ए सेयो, जो नम्र ए, कऊँकि सेयो तरतिया रे अक्कदार ऊणे।
5 “आशीष वाल़ै ई सै, ज़ो नौरमिऐ च़ाला ई, कैलैकि सै धौतरी रै हक्कदार हुआ लै।