53 तुसा खे स्वर्गदूता रे जरिए बणाया रा बिधान तो मिलेया, पर तुसे से बिधान मानेया नि।”
53 तुमुऐ सौरगदूता री बोलै औन्दै नियम शुणै पर सै मानी नाईं।”