24 आण आळी महिमा की आस के जरिये ए थारा उद्धार होया सै, जै थम उन चिज्जां की आस राक्खों सों जो थारे धोरै पैहले तै सै, तो थारी आस धरणा बेकार सै, कोए भी उस चीज की आस कोनी राखदा, जो उसकै धोरै पैहले तै सै।