मरकुस 6:2 - हरियाणवी2 आराम कै दिन वो आराधनालय म्ह उपदेश देण लागग्या, अर घणखरे माणसां नै सुणकै अचम्भा करया अर कहण लाग्गे, “इसनै इतनी बात कड़ै तै आगी?” यो कौण सा ज्ञान सै जो उस ताहीं दिया होया सै? किस ढाळ के सामर्थ के काम उसकै हाथ्थां तै दिक्खै सै? See the chapter |