29 जै तेरी सोळी आँख तेरे तै पाप करवावै सै, तो उसनै लिकाड़ के फेंक दे, क्यूँके तेरे खात्तर योए ठीक सै के तेरे अंगा म्ह तै एक नाश हो ज्या अर तेरी सारी देह नरक म्ह ना गेरी जावै।