73 माड़ी बार पाच्छै माणसां नै जो ओड़ै खड़े थे, पतरस कै धोरै आकै उसतै कह्या, “साच्चए तू भी उन म्ह तै एक सै, क्यूँके तेरी बोल्ली तेरा भेद खोल्लै सै।”