16 हे आन्धे अगुवों, थारे पै धिक्कार सै! थम जो या शिक्षा द्यो सो, के जै कोए मन्दर की सूह खावै तो किमे न्ही, पर जै कोए मन्दर कै सोन्ने की सूह खावै तो उसतै बन्द जावैगा।