22 उसनै तीसरी बर उन ताहीं कह्या, “क्यांतै उसनै के बुरा करया सै? मन्नै उस म्ह मौत की सजा के काबिल कोए बात कोनी पाई। इस तरियां मै इसनै छित्वा कै छोड़ देऊ सूं।”