28 क्यूँके वो पवित्र ग्रन्थ तै सबूत दे-देकै के यीशु ए मसीह सै, घणे तावळेपण तै यहूदियाँ ताहीं सारया कै स्याम्ही निरुतर (बोलती बन्द) करदा रहया।