12 हम फेर भी अपणी बड़ाई थारे स्याम्ही कोनी करदे, बल्के हम अपणे बारै म्ह थारे ताहीं गर्व करण का मौक्का देवां सां, के थम उननै जवाब दे सको, जो अपणे मन की बजाये बाहरी रूप पै घमण्ड करै सै।