1 पतरस 5:2 - हरियाणवी2 जिस तरियां एक पाळी भेड्या की रुखाळी करै सै, उस्से तरियां थमनै भी उन लोग्गां की रुखाळी करणी चाहिए, जिन ताहीं परमेसवर नै थारे ताहीं सौप्या सै, अर यो मजबूरी म्ह न्ही पर खुद की इच्छा तै राज्जी होकै करो, क्यूँके परमेसवर यो चाहवै सै के थम इसाए करो, पर इसा काम पईसा कै खात्तर न्ही पर परमेसवर अर माणसां की सेवा करण खात्तर करो। See the chapter |