2 कुरि 7:2 - पहाड़ी महासुई2 आमुलै आपणै ज़िवा दी ज़ागाह दैऔ। आमुऐ ना ता कासी आइलै बुरौ कियौ, ना कासी आइलै कुछ़ बिगाड़ौ, और ना आमुऐ कोइयौ ठौगौ। See the chapterबग़ल्याणी2 आसा खे आपणे दिलो रे जगा देओ। आसे ना तो केसी साथे अन्याय कित्तेया, ना कोई बिगाड़ेया और ना ई कोई ठगेया। See the chapter |