14 हे तीतुस, तूँ सगले मसीही भाइन काहीं सिखाबा, कि ऊँ निकहे काम करत रहँय, जउने एक दुसरे के जरूरत काहीं पूर कइ सकँय, अउर उनखे कामन के व्दारा दुसरे लोगन काहीं फायदा मिलय।