1 हम मसीह के ऊपर बिसुआस करित हएन, एसे हम झूँठ नहीं बोली, पय हम सही कहित हएन, कि हमरे मन के सोच-बिचार पबित्र आत्मा के अँगुआई से इआ गबाही देत हय,