13 काहेकि तूँ पंचे, अगर मन के बुरी इच्छन के मुताबिक जीबन बितइहा, त आत्मिक रूप से मर जइहा, पय अगर परमातिमा के आत्मा के बताए मुताबिक अपने मन के बुरी इच्छन काहीं छोंड़ि देइहा, त आत्मिक रूप से जिअत रइहा।