1 हे बिसुआसी भाई-बहिनिव, का तूँ पंचे इआ नहीं जनते आह्या, कि हम मूसा के बिधान काहीं जानँइ बालेन से कहित हएन, कि जब तक कउनव मनई जिअत रहत हय, तब तक ओखे ऊपर मूसा के बिधान के अधिकार रहत हय?