28 एसे हम पंचे इआ कहि सकित हएन, कि कउनव मनई मूसा के बिधान के पालन किहे से नहीं, बलकिन बिसुआसय के द्वारा परमातिमा के नजर माहीं निरदोस बन सकत हय।