4 ऊँ पंचे हमहीं बचामँइ के खातिर आपन प्रान घलाय देंइ के खातिर तइआर रहे हँय, हम उनखर धन्यबाद करित हएन, अउर केबल हमहिन भर नहीं, बलकिन गैरयहूदी लोगन के सगली मसीही मन्डली घलाय उनखर धन्यबाद करती हँय।