10 तीसर स्वरगदूत तुरही फूँकिन, अउर एकठे बड़ी भारी तरइया, जउन मसाल कि नाईं जरत रही हय, स्वरग से टूट, अउर नदिअन के एक तिहाई हिस्सा माहीं, अउर पानी के झिन्नन माहीं आय गिरी।