15 इहय कारन से ऊँ पंचे परमातिमा के सिंहासन के आँगे हें, अउर उनखे मन्दिर माहीं दिन-रात उनखर सेबा करत हें, अउर जउन सिंहासन माहीं बइठ हें, ऊँ उनखे ऊपर आपन तम्बू ठाढ़ करिहँय।