9 अउर जब मेम्ना पचमी मुहर खोलिन, त हम स्वरग के बेदी के नीचे उनखे प्रानन काहीं देखेन, जउन परमातिमा के बचन के कारन, अउर उआ गबाही के कारन, जउन ऊँ पंचे दिहिन रहा हय, बध कीन गे रहे हँय।