1 सरदीस के मसीही मन्डली के दूत काहीं इआ लिखा, “जिनखे लघे परमातिमा के सातठे आत्मा, अउर सातठे तरइया हईं, ऊँ इआ कहत हें, कि हम तोंहरे कामन काहीं जानित हएन, कि तूँ जिन्दा त कहउते हया, पय हया मरे।