2 पय मन्दिर के बहिरे के अँगना छोंड़ द्या; ओही न नापा, काहेकि उआ गैरयहूदी लोगन काहीं दीन ग हय, अउर ऊँ पंचे पबित्र सहर काहीं बयालिस महीना तक रउँदिहँय।