16 जब साँझ भय तब खुब मनई उनखे लघे खुब बिमारन काहीं लइ आएँ, जिन माहीं बुरी आत्मा रही हँय, यीसु ऊँ बुरी आत्मन काहीं अपने बचन से निकार दिहिन, अउर सगले बिमारन काहीं नीक कइ दिहिन।