7 एसे जब तूँ पंचे प्राथना करा, त गैरयहूदी लोगन कि नाईं, अइसय बेकार के बातन काहीं बेर-बेर न दोहराबत रहा, काहेकि ऊँ पंचे सोचत हें, कि खुब देर तक प्राथना करे से, उनखर प्राथना परमातिमा व्दारा सुनी जई।