33 “तूँ पंचे इहव सुन चुके हया, कि हमरे पंचन के पूरबजन से कहा ग रहा हय, कि ‘झूँठ कसम न खया, बलकिन प्रभू के खातिर अपने कसम काहीं पूर किहा।’